पैलेडियम (Pd)
| यह सबसे सामान्य चुंबकीय अवस्था है, लेकिन बल अत्यंत कमजोर होता है और दैनिक उपयोग में इसका अनुभव न के बराबर होता है। | |||
| प्रतिचुम्बकत्व | चुंबकीय क्षेत्रों में कमजोर रूप से प्रतिकर्षित होता है | सोना (Au), चांदी (Ag) | चुंबकीय गुण अत्यंत सूक्ष्म होते हैं और इसी प्रकार रोजमर्रा के चुम्बकों से इनका पता लगाना असंभव है। |
हालांकि शुद्ध कीमती धातुएं लौहचुंबकीय नहीं होती हैं, फिर भी व्यावहारिक अनुप्रयोगों में निम्नलिखित स्थितियों के कारण आपको "चुंबकीय गुण" देखने को मिल सकते हैं:
1. मिश्र धातु संरचना: यह सबसे आम कारण है। उदाहरण के लिए:
सफेद के बहुमूल्य धातुएँ (जैसे प्लैटिनम) ही अत्यंत प्रबल प्रयोगशाला चुंबकीय क्षेत्रों के अंतर्गत मापने योग्य, मंद आकर्षण प्रदर्शित करती हैं।
- सरल परीक्षण: परीक्षण के लिए एक सामान्य चुंबक (जैसे रेफ्रिजरेटर का चुंबक) का उपयोग करें। यदि कोई कीमती धातु की वस्तु (जैसे गहने या सोने की छड़ें) चुंबक की ओर आकर्षित होती है, तो लगभग निश्चित रूप से उसमें फेरोमैग्नेटिक धातुएँ (जैसे निकेल, लोहा, कोबाल्ट) मौजूद हैं। इससे संभवतः यह संकेत मिलता है कि यह शुद्ध सोना/प्लैटिनम नहीं है या मिश्र धातु है।
- सार की जांच: यदि आप शुद्ध मौलिक अवस्था में कीमती धातुओं के चुंबकीय गुणों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, तो उत्तर यह है: कमरे के तापमान पर कोई भी धातु फेरोमैग्नेटिज्म प्रदर्शित नहीं करती है और चुम्बकों से "चिपकेगी" नहीं है।